Mumbai News In Hindi : Tejaswi Satpute | Coronavirus Maharashtra Satara Lockdown Update, COVID-19 News On Satara SP Tejaswi Satpute | आईपीएस पत्नी कोरोना के खिलाफ मैदान में, पति ने घर की जिम्मेदारी संभाली; बेटी भी कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखना


  • ये कहानी सातारा की एसपी तेजस्विनी और पति किशोर की है

  • तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ जंग के मैदान में तैनात, पति ने घर की जिम्मेदारी खुद के कंधों पर संभाली

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 03:36 PM IST

सातारा (महाराष्ट्र). (मंगेश फल्ले). दुनिया की तरह भारत भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। पुलिस, हेल्थ वर्कर्स और अन्य विभाग कंधे से कंधा मिलाकर देश को महामारी से बचाने में दिन-रात एक कर रहे हैं।  मुश्किल वक्त में इन कोरोना वॅरियर्स के परिवार भी उनके साथ हैं। एक मिसाल महाराष्ट्र के सातारा की एसपी तेजस्विनी सातपुते और उनके पति की है। तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं। वो अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें, घर की चिंताओं से मुक्त रहें। इसलिए, पति किशोर ने घर की कमान संभाल रखी है।
लॉकडाउन की वजह से काम वाली बाई यानी मेड नहीं आती। किशोर साढ़े पांच साल की बिटिया की देखभाल से लेकर हर काम करते हैं। घर की सफाई हो या खाना तैयार करना। यहां तक की पत्नी की यूनिफॉर्म प्रेस करना भी। खुद तेजस्विनी ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करके यह अनूठी मिसाल दुनिया के सामने पेश की।

दोस्ती, प्यार और शादी
किशोर अहमदनगर के शेवगांव के हैं जबकि तेजस्विनी नेवासा से। दोनों की मुलाकात तब हुई जब तेजस्विनी आईपीएस नहीं थीं। किशोर सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक और फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं। पुणे में रहते हैं। एक ही जिले के होने की वजह से दोनों का परिचय हुआ। फोन और ई-मेल पर बातें हुईं। किशोर ने तेजस्विनी को प्रपोज किया। कुछ वक्त मामला ठहरा रहा। फिर परिजनों की मदद से 2012 में दोनों जिंदगी के सफर में हमसफर हो गए। दो महीने बाद ही तेजस्वनी को आईपीएस ट्रेनिंग में जाना पड़ा। पोस्टिंग कई जगह होती रही। इस दौरान दोनों की जिंदगी में प्यारी सी बिटिया भी आई। तेजस्विनी घर पर ज्यादा वक्त नहीं दे पाती थीं। लिहाजा, किशोर ने नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू किया। इस समय बेटी ईरा के साथ तेजस्विनी सातारा में रहती है और किशोर पुणे में। वीकेंड्स पर परिवार साथ रहता है। 

तेजस्विनी सातपुते और पति किशोर बेटी के साथ। इन दिनों घर संभालने के साथ किशोर बेटी की देखभाल भी कर रहे हैं। 

लॉकडाउन शुरू होने के वक्त से घर पर हैं किशोर

जनता कर्फ्यू के समय किशोर सातारा चले गए थे। लॉकडाउन घोषित हुआ तो वहीं रुक गए। कोरोना का डर था। इसलिए, घर में काम करने वाले सभी लोगों को छुट्टी दे दी। सभी जिम्मेदारियां खुद संभाल लीं। साफ-सफाई, नाश्ता और खाना, बर्तन और कपड़े, बेटी की देखभाल के साथ ही पत्नी की यूनिफॉर्म तक खुद ही तैयार कर रहे हैं। पिछले दिनों दोस्तों ने किशोर से पूछा- क्या चल रहा है? इसका दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने फेसबुक वीडियो से दिया। डिस्क्रिप्शन में लिखा- मुझे अपने पति पर गर्व है। एसपी मैडम आगे कहती हैं- जिस समय घर पर रहती हूं, तब उनकी मदद करती हूं। उन्होंने कभी मुझसे कोई काम करने को नहीं कहा। कहते भी नहीं हैं। वो मन में भी कुछ नहीं रखते। जिस आनंद से मुझे खाना खिला रहे हैं, उससे उनके प्रति मेरा आदर कई गुना बढ़ गया है। 

तेजस्विनी और किशोर की मुलाकात उस दौर में हुई, जब तेजस्विनी आईपीएस नहीं बनीं थीं। 

बेटी रोती है, लेकिन दूरी जरूरी

तेजस्विनी कहती हैं- आम दिनों में केयरटेकर ही बेटी का ख्याल रखती हैं। मेरे लौटते ही वह दौड़कर गले लग जाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से मैंने बेटी ईरा को करीब नहीं आने दिया। शुरू से ही मैंने उसे बताया कि कोरोना बहुत भयानक बीमारी है। अब ईरा भी कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए। तेजस्विनी कहती हैं- दूर करने पर रोती भी है। साढ़े पांच साल की ही तो है। कभी-कभी मेरी आंखें भर आती हैं। लेकिन, यह दूरी बेहद जरूरी है। मेरी गैरमौजूदगी में किशोर सभी कामों के साथ बेटी का भी ध्यान रखते हैं। किशोर के कई दोस्त उन्हें चिढ़ाते भी हैं। लेकिन, वो इसका भी बुरा नहीं मानते। कई लोग कहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन, हकीकत में वो खुद ऐसा नहीं करते। उन्हें मेरे पति से सीखना चाहिए। गृहस्थी में सब सामंजस्य पर निर्भर होता है। 

लॉकडाउन को देखते हुए मेड को छुट्टी दे दी गई है। इसलिए बर्तन धोने से लेकर साफ सफाई का काम किशोर ही कर रहे हैं। 
किशोर पुणे में रहते हैं और सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं।