Nirbhaya case news and updates|Akshay’s wife pleads for divorce, says- I don’t want to live like a widow | दोषी अक्षय की पत्नी ने तलाक की अर्जी लगाई, कहा- मैं विधवा की तरह नहीं जीना चाहती


  • दोषी अक्षय की पत्नी के वकील ने कहा- मेरे मुवक्किल को पति से तलाक लेने का अधिकार
  • हिंदू मैरिज एक्ट के तहत पति के दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर पत्नी उससे तलाक ले सकती है

दैनिक भास्कर

Mar 18, 2020, 07:13 PM IST

नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के दोषी फांसी टालने के लिए लगातार नए-नए पैंतरे लगा रहे हैं। चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह की पत्नी (पुनीता) ने मंगलवार को बिहार के औरंगाबाद जिले की कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। उसने याचिका में कहा- मेरे पति को 20 मार्च को फांसी होने वाली है। मैं विधवा की तरह नहीं जीना चाहती। मेरा पति निर्दोष है। मैं चाहती हूं कि फांसी से पहले कानूनी तौर पर हमारा तलाक हो जाए। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 19 मार्च तक स्थगित कर दी है।

पुनीता के वकील मुकेश कुमार सिंह ने कहा- मेरे मुवक्किल को पति से तलाक लेने का अधिकार है इसलिए मैंने फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका दायर की है। हिंदू मैरिज एक्ट के तहत पति के दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर पत्नी उससे तलाक ले सकती है।

चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी होना है

दोषी अब विभिन्न कानूनी आवेदनों, अपीलों और दूसरी दया याचिका के लंबित होने को आधार बनाकर मौत की सजा पर रोक लगाने के लिए दिल्ली कोर्ट पहुंचे हैं। चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी दी जानी है। दिल्ली की एक अदालत ने तिहाड़ जेल और अभियोजक (राज्य) को दोषियों की याचिका पर विभिन्न कानूनी आवेदनों, अपीलों और दया याचिकाओं के माध्यम से उनकी मौत की सजा पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी किया है।
 

दोषियों ने आईसीजे का रूख किया 
दोषी पवन, अक्षय और विनय ने फांसी पर रोक लगाने के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की है। दरअसल, निर्भया केस के चारों दुष्कर्मियों के कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं। अक्षय, पवन और विनय के वकील एपी सिंह ने याचिका में दलील दी है कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में की जाए। उन्होंने कहा है कि इस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड अपने पास मंगवाइए।

इससे पहले, 4 मार्च को दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करके फांसी को उम्रकैद में बदलने की गुहार लगाई थी। जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि सजा पर पुनर्विचार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। इससे पहले, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दोषी अक्षय, विनय और मुकेश की दया याचिका खारिज कर चुके हैं।

दोषियों को फांसी की नई तारीख 20 मार्च है

तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया के गुनहगारों को फांसी देने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी पवन जल्लाद 17 मार्च को तिहाड़ जेल पहुंचे। फांसी से एक दिन पहले 19 मार्च को डमी को फांसी देकर टेस्टिंग की जाएगी। नए डेथ वॉरंट के मुताबिक, निर्भया के सभी दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी। जेल अधिकारियों ने दोषियों के परिवार को इसकी सूचना दे दी है। मुकेश, पवन और विनय अपने परिजन से मिल चुके हैं। अक्षय के परिवार से अभी तक कोई सदस्य मिलने नहीं आया है। हालांकि, जेल अधिकारियों ने उसके परिवार को चिट्‌ठी लिखकर कहा है कि वे अगर चाहें तो आखिरी बार उससे मिल सकते हैं।