Olympics News Updates, IOC Tokyo Olympics postpond due to coronavirus | टोक्यो ओलिंपिक 1 साल टला; 124 साल के इतिहास में यह गेम्स 3 बार रद्द हुए और पहली बार टले

Olympics News Updates, IOC Tokyo Olympics postpond due to coronavirus | टोक्यो ओलिंपिक 1 साल टला; 124 साल के इतिहास में यह गेम्स 3 बार रद्द हुए और पहली बार टले


  • जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे और आईओसी अध्यक्ष के बीच बातचीत में गेम्स टालने पर सहमति बनी
  • इससे पहले 1916, 1940 और 1944 में विश्व युद्ध के कारण इन खेलों को रद्द किया गया था
  • आईओसी ने टोक्यो ओलिंपिक के लिए 40 हजार 470 करोड़ रुपए रेवेन्यू जुटाया था, खेल रद्द होने पर उसे यह रकम लौटानी होती

दैनिक भास्कर

Mar 24, 2020, 09:03 PM IST

खेल डेस्क. कोरोनावायरस के कारण टोक्यो ओलिंपिक को 1 साल के लिए टाल दिया गया। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष थॉमस बाक के साथ मंगलवार को हुई बातचीत के बाद यह जानकारी दी। अब यह खेल 2021 की गर्मियों में होंगे। फिलहाल इसकी तारीख तय नहीं है। ओलिंपिक इस साल 24 जुलाई से 9 अगस्त के बीच होने थे। यह पहला मौका नहीं है, जब टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक को टाला गया। इससे पहले 1940 में भी इस शहर को पहली बार इन खेलों की मेजबानी मिली थी। लेकिन चीन के साथ युद्ध की वजह से यह गेम्स रद्द हो गए। ओलिंपिक के 124 साल के इतिहास में ओलिंपिक 3 बार रद्द हुए हैं और पहली बार टले हैं। इससे पहले विश्व युद्ध के चलते बर्लिन (1916), टोक्यो (1940) और लंदन (1944) गेम्स को कैंसिल करना पड़ा था।  

तीन बार विश्व युद्ध के कारण ओलिंपिक रद्द हुए

  • बर्लिन ओलिंपिक : 1916 के ओलिंपिक बर्लिन में होने थे। 27 और 28 जून 1914 को बर्लिन स्टेडियम में टेस्ट इवेंट भी हो गए थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के आर्कड्यूक फ्रेंक फर्डिनेंड और उनकी पत्नी की साराजेवो में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद प्रथम विश्व युद्ध छिड़ गया और इन खेलों को रद्द कर दिया गया। 
  • टोक्यो ओलिंपिक : 2020 से 80 साल पहले भी टोक्यो को इन खेलों की मेजबानी मिली थी। उसने बार्सिलोना, रोम और हेलसिंकी को पीछे छोड़ते हुए पहली बार यह मौका हासिल किया था। लेकिन चीन के साथ युद्ध के कारण उसे मेजबानी से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद हेलसिंकी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि 1939 में दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने के कारण गेम्स रद्द करने पड़े। 
  • लंदन ओलिंपिक : 1940 का टोक्यो ओलिंपिक रद्द होने के बाद आईओसी की बैठक में 1944 के ओलिंपिक की मेजबानी लंदन को सौंपी गई। अगर सब ठीक रहता है तो लंदन 36 साल बाद दूसरी बार इन खेलों को आयोजित करता। लेकिन मेजबानी मिलने के 3 महीने बाद ही ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया और इस वजह से खेल हुए ही नहीं। इसके बाद इटली में यह गेम्स होने थे। लेकिन इन्हें भी बाद में कैंसिल कर दिया गया। 

कनाडा ने 1 साल खेल टालने की मांग की थी

इससे पहले, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने इन खेलों से हटते हुए कहा था कि अगर टोक्यो ओलिंपिक शेड्यूल के मुताबिक 24 जुलाई से 9 अगस्त के बीच होते हैं तो वे अपने खिलाड़ी जापान नहीं भेजेंगे। कनाडा ने कहा था- हम ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए टालने की मांग करते हैं। अगर ओलंपिक को स्थगित किया जाता है तो हम उनका पूरा समर्थन करेंगे। हमारे लिए एथलीट्स के स्वास्थ्य और सुरक्षा के अलावा कुछ महत्वपूर्ण नहीं है।

अमेरिका के 70 फीसदी खिलाड़ी ओलिंपिक को टालने के पक्ष में: सर्वे
अमेरिका के 70 फीसदी से ज्यादा खिलाड़ी ओलिंपिक को टालने के पक्ष में थे। अमेरिकी अखबार यूएसए टुडे ने 300 अमेरिकी खिलाड़ियों से ओलिंपिक के आयोजन को लेकर सवाल पूछे थे। 70 फीसदी खिलाड़ियों ने कहा था कि गेम्स स्थगित हो जाने चाहिए, जबकि 23 फीसदी ने कहा था कि यह उस समय के हालात पर निर्भर करेगा कि गेम्स होने चाहिए या नहीं। जब उन खिलाड़ियों से पूछा गया कि टोक्यो ओलिंपिक तय समय पर होना चाहिए तो 41 फीसदी ने कहा था कि यह सही आइडिया नहीं है।

आईओए ने गेम्स टालने के फैसले का स्वागत किया

भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने टोक्यो ओलिंपिक को 2021 तक स्थगित करने के जापान और आईओसी के फैसले का स्वागत किया। आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने मंगलवार को कहा, ‘‘इस फैसले से हमारे एथलीटों को काफी राहत मिली है, जो इस महामारी के दौरान अपनी ट्रेनिंग को लेकर चिंता में पड़े हुए थे कि अब से 4 महीने बाद वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे कर पाएंगे।’’ एमसी मैरीकॉम और साइना नेहवाल के अलावा कई और खिलाड़ियों ने भी गेम्स टालने के फैसले को सही ठहराया। 

आर्थिक नुकसान कितना?

सीएनबीसी के मुताबिक, 2016 से अब तक आईओसी ने टोक्यो ओलिंपिक 2020 के लिए 5.7 अरब डॉलर (40 हजार 470 करोड़ रुपए) रेवेन्यू जुटाया। इसका 73 फीसदी हिस्सा मीडिया राइट्स से आया। बाकी 27 फीसदी प्रायोजकों यानी स्पॉन्सर्स से मिला। अगर खेल रद्द होते हैं तो आईओसी को यह रकम लौटानी होगी। इतना ही नहीं आईओसी दुनियाभर में एथलीट्स के लिए स्कॉलरशिप, एजुकेशन प्रोग्राम्स के साथ ही फेडरेशन्स से जो फंड जुटाता है, वो भी उसे लौटानी होगी। लिहाजा, खेल टाले गए हैं। इन्हें रद्द नहीं किया गया।

जापान ने 12.6 अरब डॉलर खर्च किए
टोक्यो ओलिंपिक 2020 की मेजबानी जापान के पास है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वह तैयारियों पर अब तक 12.6 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। कुल अनुमानित खर्च इसका दो गुना यानी करीब 25 अरब डॉलर है।  

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