On NPR, Kejriwal said – If my entire family and cabinet do not have a birth certificate,so, they will send us to detention camp | एनपीआर पर केजरीवाल बोले- मेरे पूरे परिवार और कैबिनेट के पास बर्थ सर्टिफिकेट नहीं तो क्या डिटेंशन सेंटर में डाल देंगे?


  • विधानसभा में दिल्ली में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर लागू नहीं किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ
  • केजरी ने विधानसभा में विधायकों से पूछा- बर्थ सर्टिफिकेट बना है? 70 में से 61 का जवाब- नहीं

दैनिक भास्कर

Mar 13, 2020, 10:22 PM IST

नई दिल्ली. विधानसभा में शुक्रवार को दिल्ली में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) नहीं लागू करने का प्रस्ताव पास किया गया। विधानसभा में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि मेरे परिवार और पूरी कैबिनेट का बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है तो क्या हमें डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा? मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह एनपीआर और एनआरसी वापस लें। 

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था गिरावट की दौर से गुजर रहा हो, बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ रही हो और कोरोनवायरस महामारी से बड़े पैमाने पर खतरा है। ऐसे में सरकार को सीएए और एनआरसी को देश के हित में वापस ले लेना चाहिए। 
 

विधायकों के जवाब पर केजरी बोले- यह केंद्र के लिए सबसे बड़ा संदेश
केजरीवाल ने विधानसभा में मौजूद सभी विधायकों से पूछा कि क्या आपके पास बर्थ सर्टिफिकेट है? इस पर 61 विधायकों ने ना में जवाब दिया। केजरीवाल ने कहा कि यह केंद्र के लिए सबसे बड़ा संदेश है। उन्होंने मोदी सरकार से अपील की कि एनपीआर और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजंस (एनआरसी) को वापस ले लिया जाए।

प्रस्ताव में कहा गया- 90 फीसदी भारतीयों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं
एनपीआर के खिलाफ प्रस्ताव में कहा गया है कि एनपीआर और एनआरसी ने देश में डर और तनाव का वातारवरण बना दिया है। लोगों को चिंता है कि अगर उनके पास सिटिजनशिप साबित करने के लिए दस्तावेज नहीं हैं तो उन्हें डिटेंशन सेंटरों में भेज दिया जाएगा। 90 प्रतिशत भारतीयों के पास वह जरूरी दस्तावेज नहीं है, जिनका जिक्र केंद्र ने किया है। केंद्र बताए कि अगर किसी के पास दस्तावेज नहीं हैं तो वह क्या करे? एनपीआर के डाटा के एनआरसी में इस्तेमाल पर भी केंद्र को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।