Punjab Coronavirus Lockdown Live | Read Corona Virus Lockdown Day 5 {Curfew} In Chandigarh Amritsar Ludhiana Amritsar Jalandhar (COVID-19) Cases News and Updates | राज्य सरकार ने कहा- पंजाब में फैक्ट्रियां खोल सकते हैं, लेकिन कर्मचारियों को फैक्ट्री कैंपस में ही रखना होगा


  • राज्य सरकार ने पटियाला, अमृतसर और जालंधर में जरूरी सामानों की होम डिलीवरी शुरू करवाई
  • फैक्ट्री खोलने पर मालिक को ही मजदूरों के रहने-खाने की व्यवस्था करना होगी, उनकी सेहत का खयाल भी रखना होगा

दैनिक भास्कर

Mar 29, 2020, 09:10 PM IST

जालंधर. पंजाब में रविवार को लॉकडाउन का पांचवां दिन है। कर्फ्यू की वजह से ज्यादातर शहरों की सड़कों और चौक-चौराहों पर सन्नाटा पसरा है। हालांकि, अंदरूनी इलाकों में फल-सब्जी और दूसरी चीजें सप्लाई करने वालों को कर्फ्यू पास के साथ घूमते और कुछ लोगों की खरीदते देखा जा सकता है। आज सुबह कई जगह सब्जी मंडी खुली और थोक बिक्री के बाद बंद करवा दी गई। राज्य में अब तक कुल 39 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से होशियारपुर का सबसे पहला मरीज ठीक होकर घर पहुंच चुका है। राज्य में मार्च में 90 हजार एनआरआई और कई लोग विदेश यात्रा से लौटे थे। इनमें 13 हजार की स्क्रीनिंग हो चुकी है। उधर, सरकार का कहना है कि जो लोग विदेश से आए हैं, वे अपनी स्क्रीनिंग कराएं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उसके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाएंगे।

इस बीच, अमरिंदर सरकार ने कोरोना के चलते बंद चल रहे उद्योगों को राहत दी है। राज्य के उद्योग मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा ने रविवार को कहा- सरकार ने उद्योगों को शुरू करने का फैसला किया है। लेकिन, यह मंजूरी सिर्फ और सिर्फ उन उद्योगों या फैक्ट्रियों को दी जाएगी जो अपने कर्मचारियों को फैक्ट्री कैंपस में ही रखेंगे। इसमें फैक्ट्री मालिक को ही मजदूरों को खाना खिलाना होगा। उन्हें फैक्ट्री कैंपस में ही ठहराना होगा। उनकी सेहत पर नजर बनाए रखनी होगी। मजदूरों को फैक्ट्री से बाहर जाने की भी इजाजत नहीं होगी। सभी कर्मचारियों को रेगुलर मेडिकल चेकअप किया जाएगा। जो फैक्ट्री मालिक यह सब कुछ कर सकते हैं, वो अपनी फैक्ट्री चला सकते हैं। अरोड़ा ने कहा कि ईंट के भट्टे भी चल सकते हैं, मगर इसमें सिर्फ ईंटों की पथाई ही की जा सकती है। ईंट बेची नहीं जाएगी। हर मजदूर को दूसरे मजदूर से कम से कम तीन फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी।

बरनाला में खांसी-बुखार से पीड़ित महिला की मौत
बरनाला में रविवार सुबह महिला की मौत हो गई। बताया जाता है कि रेलवे स्टेशन पर रहने वाली 60 साल की यह महिला खांसी-बुखार की शिकायत के चलते शनिवार रात को सिविल अस्पताल में दवाई लेने आई थी। कोरोना वायरस के संक्रमण के शक चलते उसके टेस्ट सैंपल लिए गए हैं। एसएमओ का कहना है कि सोमवार को महिला की टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

गुरदासपुर में अफवाह फैलाने के आरोप में दो गिरफ्तार
गुरदासपुर जिले के गांव हरूवाल से दो व्यक्तियों ने गांव के लोगों को इकट्‌ठा किया और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीडियो में कई दिन से भूखे होने की बात कही गई। उनका कहना था कि उन्हें राशन मुहैया नहीं करवाया जा रहा। उनके बच्चे भूख से तड़प रहे हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित थाने के प्रभारी को सूचित किया और जब थाना प्रभारी उन गांव वासियों को राशन देने पहुंचे तो मामला झूठा निकला। पुलिस ने दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पटियाला में पहला केस सामने आया 
रविवार को पटियाला में एक युवक को संक्रमण की पुष्टि हुई है। उसके परिवार के 14 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेट किया है। युवक हरियाणा के अंबाला जिले से सटे पटियाला के रामपुर सैनियां का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि युवक 19 मार्च को नेपाल से हवाई जहाज से दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डे पर पहुंचा था। वहां से बस से अम्बाला आया। वहां से वह अपने दोस्त के साथ गांव आ आया था। उधर, राज्य में संक्रमितों की संख्या 39 हो गई है। 

लुधियाना: काम बंद होने के चलते पैदल ही निकल पड़े मजदूर 

  • लुधियाना में फैक्ट्रियों में काम बंद होने से यूपी-बिहार के लाखों कामगार अपने घरों को लौटने लगे हैं। शनिवार से पलायन का दौर शुरू हो गया। रात में ही नहीं, रविवार सुबह भी 50-100 के जत्थे में कामगार महानगर के विभिन्न हिस्सों से पैदल ही निकलते देखे गए। इनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इनके सामने मकान का किराया, राशन और बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए पैसा नहीं होने से परेशानी शुरू हो गई थी। हालांकि, सरकार कह रही है कि शहर में लंगर व खाने-पीने की चीजें बांटी जा रही हैं, लेकिन किसे मिल रहा, किसे नहीं, इसका कोई सिस्टम नहीं है। 
  • लुधियाना में पुलिस व प्रशासन ने आढ़तियों को दुकानें खोलने के लिए राहत दे दी है। अब आढ़ती अपने दुकानें दोपहर दो बजे तक खोल सकेंगे। शनिवार तक महानगर में हालात ठीक नहीं थे, जिसके चलते पुलिस, मंडी बोर्ड के अधिकारी व विभिन्‍न पार्टियों के बीच मीटिंग काफी नोक-झोंक भी देखने को मिली।

जालंधर: प्रशासन की होम डिलीवरी की सुविधा के कोशिशें फेल 

जालंधर में प्रशासन की होम डिलीवरी की सुविधा प्रभावी न होने के कारण जरूरी चीजें आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। गली-मोहल्लों के दुकानदार भी मौके का फायदा उठाकर मनमानी कीमत पर सामान बेच रहे हैं। प्रशासन इन पर लगाम कसने में नाकाम दिख रहा है। रविवार सुबह मंडी में सब्जियां पहुंचीं। यहां केवल थोक में बिक्री की अनुमति दी गई। हालांकि, भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन ने बंद करवा दी। 

अमृतसर: जरूरी चीजों की होम डिलीवरी की जा रही

अमृतसर में लोगों को घरों में ही रहने की अपील की जा रही है। जरूरी चीजों की होम डिलीवरी की जा रही है। चीफ खालसा दीवान, श्री दुर्ग्याणा कमेटी और अन्य संस्थाएं इस काम में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं। इसी तरह दोआबा और मालवा के विभिन्न शहरों में लोग घरों में ही हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। दोआबा में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। नवांशहर, जालंधर औऱ होशियारपुर के 22 गांव सील कर दिए गए हैं। इन तीनों जिलों से 29 लोग पॉजिटिव मिले हैं। नवांशहर जिले के 15 गांव कोरोना के कहर के चलते बाकी दुनिया से कट गए हैं। सड़कें सुनसान हैं और हर तरफ सेहत विभाग के कर्मचारी मास्क और गाउन पहने हुए नजर आते हैं। स्क्रीनिंग के बिना किसी को किसी से मिलने की इजाजत नहीं है।

अमृतसर में कर्फ्यू के दौरान घरों में रहकर सहयोग करने वाले लोगों के लिए राशन सामग्री रवाना करते सीकेडी के सदस्य।

दुर्ग्याणा मंदिर कमेटी के लोग और पुलिस अधिकारी जरूरतमंदों को रोजमर्रा की चीजें देते हुए।