Quarantine has been in India for centuries; There are many practices like keeping the newborn mother separate, Lord Jagannath also remains 14 days apart. | भारत में सदियों से है क्वारेंटाइन; नवजात-मां को अलग रखने जैसी कई प्रथाएं हैं, भगवान जगन्नाथ भी 14 दिन अलग रहते हैं


  • कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच क्वारेंटाइन अपना रही दुनिया, इटली से आया है यह शब्द
  • इटली में 600 साल पहले हुआ क्वारेंटाइन का इस्तेमाल, इसका अर्थ है 40 दिन का

दैनिक भास्कर

Mar 23, 2020, 12:41 AM IST

दिल्ली. कोरोना के कहर से दुनिया भर में 10 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा इटली में हुईं। ऐसे में दुनिया क्वारेंटाइन यानी कुछ समय के लिए अलग-थलग रहने का तरीका  अपना रही है। यह शब्द इटली के क्वारंटा जिओनी से जन्मा है, जिसका अर्थ है 40 दिन का। 600 साल पहले प्लेग से बचने के लिए इटली ने इसे शुरू किया। खास बात यह है कि भारत में यह तरीका सदियों से चला आ रहा है। इनमें नवजात और मां को 10 दिन अलग रखना, किसी की मृत्यु के बाद दूर रहने जैसी कई प्रथाएं हैं। ये क्वारेंटाइन के ही रूप हैं।

भारत में पौधों तक के लिए बनी है क्वारेंटाइन पॉलिसी
भारत में तो पेड़-पौधों तक के लिए क्वारेंटाइन पॉलिसी बनाई गई है। इस पॉलिसी का उद्देश्य पर्याप्त नीतिगत और वैधानिक उपायों के जरिए महत्वपूर्ण पेड़-पौधों और पादप उत्पादों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और बीमारियों को रोकना है। इस नीति को प्लांट प्रोटेक्शन, क्वारेंटाइन एंड स्टोरेज डायरेक्टोरेट की देखरेख में लागू किया जाता है। यह विभाग कृषि मंत्रालय के तहत काम करता है।

जड़ी-बूटी से भगवान की सेवा
पुरी में भगवान जगन्नाथ हर साल 14 दिन अलग रहते हैं। मान्यता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा से अमावस्या तक वे बीमार पड़ते हैं। इस दौरान उन्हें जड़ी-बूटियों का पानी दिया जाता है।

फ्रांस: कॉर्डन सैनिटेयर है नाम
इसे कॉर्डन संस्कार भी कहते हैं। इसमें किसी समुदाय, क्षेत्र या देश में आवाजाही पर प्रतिबंध होता है, ताकि संक्रमण रुक सके। 1523 में माल्टा में प्लेग फैलने के बाद कॉर्डन सैनिटेयर शुरू किया था।

बौद्ध: 8वीं सदी से है मान्यता
8वीं सदी में बोधायन और गौतम सूत्र में नवजात-माता और मृत व्यक्ति के रिश्तेदारों को संक्रमण से बचने के लिए कम से कम 10 दिन अलग रहने की बात कही गई है।

इस्लामिक वर्ल्डः 706 ईस्वी से
706 ईस्वी में उमय्यद खलीफा अल वालिद प्रथम ने दमिश्क में कुष्ठ रोग पीड़ित लोगों को अलग रखा। 1431 में ज्यादातर देशों ने इन पर अनिवार्य क्वारेंटाइन लागू किया।

बाइबिल: 7वीं सदी में जिक्र
सातवीं सदी या शायद पहले लिखी लेविटस की बाइबिल की किताब में संक्रमण से बचने के लिए अलग रहने का उल्लेख है। इसकी प्रक्रिया मोजेक कानून के तहत बताई गई है।