Rain Alert! Weather Ground Report Update; Farmer Rain Fear Instead Of Coronavirus In Jaipur Bhopal Indore Maharashtra Bihar Punjab Haryana Jharkhand | कोरोना से ज्यादा बारिश का डर: बिहार में ओले गिरे, मप्र समेत 5 प्रदेशों में कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी ने फसल खराब की


  • मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, रविवार को तूफान आने की आशंका
  • राजस्थान में तापमान बढ़ा, आसमान में छाए बादलों के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 08:49 PM IST

कोरोनावायरस के कहर के साथ किसान मौसम से भी खौफजदा हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर में शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने फसल तहस नहस कर दी। वहीं, यूपी,पंजाब-हरियाणा, झारखंड और मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश ने खेत-खलिहानों में कटी रखी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। किसानों का कहना है- पानी लगने से अनाज के काला पड़ने का खतरा है। राजस्थान में तापमान बढ़ा हुआ है, लेकिन आसमान में छाए बादलों से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हैं। इधर, महाराष्ट्र के मौसम विभाग ने रविवार को तूफान की आशंका जताई है।

बिहारमुजफ्फरपुर में आम-लीची और गेहूं की फसल को नुकसान
मुजफ्फरपुर जिले के उत्तर-पूर्वी इलाके के मीनापुर, कांटी, औराई, कटरा, बोचहां और गायघाट प्रखंड में शुक्रवार रात 9 बजे के बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि से आम-लीची के साथ-साथ गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इससे कई स्थानों पर कच्चे मकान के साथ पेड़ गिर गए। शुक्रवार रात दस बजे से पहले पूर्वी चंपारण में आंधी-पानी के साथ ओलावृष्टि हुई। हथौड़ी में कुछ जगहों पर पेड़ टूट गए। खपरैल मकान गिर गए। औराई में ओला गिरने से एसबेस्टस की छत टूट गई।

ये फोटो फरीदकोट मंडी की है। पंजाब के विभिन्न जिलों में 3800 खरीद केंद्रों पर 15 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है।

पंजाब: कहीं भारी बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी
अमृतसर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश हुई है। जालंधर,बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और अन्य जिलों में भी यही हाल रहा। शुक्रवार रात दस बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक कहीं हल्की तो कहीं ज्यादा बारिश ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अचानक बदले मौसम की वजह से लगभग मालवा से लेकर माझा तक लगभग 9° सेल्सियस तापमान कम दर्ज किया गया। तापमान गिरने से गेहूं की कटाई का काम भी प्रभावित रहा। ऐसे में खेत-खलिहानों में कटी रखी फसल और मंडियों में रखे अनाज के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। पंजाब के विभिन्न जिलों में 3800 खरीद केंद्रों पर 15 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। महामारी के कारण मंडी में किसानों को फसल खरीद हेतु टोकन दिया जा रहा है, जिससे किसान मंडी में अपनी इच्छा से फसल नहीं लेकर आ पा रहे। जिन किसानों को मंडी बोर्ड द्वारा टोकन जारी किया जा रहा है, वे ही फसल मंडी में ला रहे हैं।

झारखंड: जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तीसरे दिन बारिश
शहर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन हल्की बारिश हुई। दोपहर तक तेज धूप के बाद बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। इसके बाद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही। अधिकतम तापमान 2 डिग्री बढ़ोतरी के साथ 41.2° सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है। तापमान बढ़ने की मुख्य वजह दोपहर तक तेज धूप रही। साथ ही 25 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गर्म हवा भी चली। मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मौसम में बदलाव आया। इसका असर 3 से 4 दिन तक रहेगा। वहीं, रांची, गुमला, चाईबासा, सिमडेगा व खूंटी में मौसम विभाग ने हल्की बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया था, पर इन क्षेत्र में बारिश नहीं हुई।

कानपुर में शुक्रवार देर रात हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह किसानों ने खेतों पर खड़ी फसल की कटाई तेज कर दी।

यूपी: पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम

उत्तर प्रदेश में भी शुक्रवार देर शाम को अचानक ही मौसम का मिजाज बदल गया। पश्चिमी यूपी में शाम को धूल भरी आंधी चली और कई जगह पर हल्की बारिश हुई। इससे किसानों की खलिहानों में पड़ी फसल पर प्रतिकूल असर पड़ा। आंधी-पानी से किसानों को नुकसान होने की संभावना है। मौसम निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार, शनिवार को भी राज्य के कई जिलों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार और सोमवार को भी जारी रहेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश का मौसम खराब बना रहेगा। कहीं-कहीं ओलावृष्टि के भी आसार जताए गए हैं। मौसम में होने वाला यह बदलाव प्रदेश के किसानों के लिए नई मुसीबत लेकर आने वाला है क्योंकि इन दिनों गेहूं की कटाई चल रही है।

हरियाणा: सिरसा, फतेहाबाद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर के आसपास हल्की बारिश
शुक्रवार शाम से पूरे हरियाणा में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चली। इसके साथ-साथ सिरसा, फतेहाबाद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर के आसपास हल्की बारिश हुई। इससे किसानों की कटी हुई गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि बारिश तेज नहीं थी तो नुकसान कम हुआ। 

मप्र: बारिश ने बढ़ाई बेचैनी
मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हल्की बारिश हुई। बारिश से कहीं बड़े नुकसान की जानकारी तो नहीं मिली है, लेकिन इससे किसानों की चिंता जरूर बढ़ गई है। मध्यप्रदेश में लगभग सभी जिलों में किसानों ने फसल काट ली है। इसकी थ्रेसिंग भी ज्यादातर किसानों ने कर ली है। काफी अनाज खुले आसामान के नीचे मंडियों में रखा है, जो बारिश से खराब हो सकता है।

राजस्थान: चूरू में पारा 42 डिग्री पार
राजस्थान में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। सबसे ज्यादा चूरू में 42 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ 12 शहर ऐसे हैं, जहां पारा 40 डिग्री के ऊपर रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस बीच जैसलमेर के कुछ क्षेत्रों में आंधी भी चल रही है। आगामी चार दिनों तक राज्य में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम मुख्यतया शुष्क रहने और अधिकतम तापमान काफी स्थानों पर 40-42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।

महाराष्ट्र: मौसम विभाग को 19 अप्रैल को बड़े तूफान का अंदेशा
कोरोनावायरस से जूझ रहे महाराष्ट्र के लिए एक नई मुसीबत आ सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य के कई इलाकों में अगले 19 अप्रैल तूफान आ सकता है। मौसम विभाग के इस अनुमान के बाद मुंबई के मौसम विभाग की ओर से 10 जिलों को चेतावनी जारी की गई है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सतारा, सांगली, सोलापुर, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर और उस्मानाबाद जिले तूफान की चपेट में आ सकते हैं। विभाग की ओर से बताया गया है कि 19 अप्रैल तक इन जिलों में तेज हवाओं और तूफान के साथ बिजली भी गिर सकती है।

हिमाचल प्रदेश: कुल्लू और लाहौल स्पीति में बर्फबारी
कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल स्पीति की ऊंची पहाड़ियों पर ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। ताजा बर्फबारी और बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई है। लाहौल स्पीति में रोहतांग दर्रा सहित कुल्लू की पहाड़ियों पर भी बफबारी हुई। चंद्रखंणी, भृगु तुंग, हनुमान टिब्बा सहित जलोड़ी दर्रा में भी ताजा हिमपात हुआ है।