Ranchi Dhanbad Coronavirus Lockdown Live | Read Corona Virus Lockdown Day 7 {Curfew} In Jharkhand Ranchi Jamshedpur Dhanbad (COVID-19) Cases News and Updates | कुछ लोगों ने चुपचाप नदी-तालाब पहुंचकर पूरा किया छठ व्रत; रांची में मंत्री की चिट्‌ठी पर कमिश्नर ने तुड़वाया लॉकडाउन


  • जमशेदपुर के सब्जी मंडियों में पहुंचकर एसएसपी और डीसी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाया
  • राज्य की सीमाएं सील हुईं तो मजदूरों ने पटरी पर पैदल चलकर अपने गांव पहुंचना शुरू किया

दैनिक भास्कर

Mar 31, 2020, 04:02 PM IST

रांची/जमशेदपुर/धनबाद. लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए कहीं अफसर खुद लोगों के बीच जाकर उन्हें समझा रहे हैं, तो रांची में मंत्री की चिट्‌ठी मिलने पर कमिश्नर ने लॉकडाउन ही तोड़ दिया। कोरोना से लड़ने के लिए देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन का आज सातवां दिन है। पूरे राज्य में इसकी अलग-अलग तस्वीर नजर आई।

जमशेदपुर: कमिश्नर और एसएसपी ने समझाया सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व

लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर झारखंड का पुलिस-प्रशासन अब सख्ती बरतने को तैयार है। पुलिस-प्रशासन की ओर से कहा गया है कि लॉकडाउन तोड़ने पर केस दर्ज किया जाएगा। मंगलवार को जमशेदपुर के साकची बाजार में लगने वाली सब्जी मंडियों में कमिश्नर रविशंकर शुक्ला और एसएसपी अनूप बिरथरे ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों और सब्जी विक्रेताओं को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में बताया। उधर, शहर के मानगो गांधी मैदान में सुबह सब्जी लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। पुलिस के समझाने के बाद भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।

जमशेदपुर के मानगो गांधी मैदान में भीड़ को समझाता पुलिसकर्मी।

जिस्ट्रेट और थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश
कमिश्नर शुक्ला और एसएसपी बिरथरे ने संयुक्त आदेश जारी किया। इसमें लाॅकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 व झारखंड राज्य महामारी अधिनियम 2020 के तहत केस करने का आदेश मजिस्ट्रेट और थाना प्रभारियों को दिया गया है। साथ ही, प्रशासन की ओर से शहर के 17 बाजारों में दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किया गया है। दंडाधिकारी और थाना प्रभारियों को हिदायत दी गई है कि बाजारों में हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग लागू करें। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी नगर निकाय के विशेष पदाधिकारियों की दी गई है।

रांची: मंत्री की चिट्‌ठी लॉकडाउन पर पड़ी भारी
केंद्र सरकार देश में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने की बात कह रही है, वहीं रांची में ही जिला प्रशासन ही इस आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है। विडंबना ये कि लॉकडाउन तोड़ने का आग्रह भी राज्य सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम कर रहे हैं। मंत्री और उनके विधानसभा क्षेत्र के ही एक अन्य व्यक्ति आजिम शेख के आग्रह पर रांची कमिश्नर महिमापत रे ने लॉकडाउन तोड़ 11 बस चलाने की अनुमति दे दी। ये बसें रांची से मजदूरों को लेकर साहेबगंज, पाकुड़, कोडरमा और अन्य जिलों में गईं। अब मुख्यमंत्री के आदेश पर मुख्य सचिव ने कमिश्नर महिमापत रे को कारण बताओ नोटिस दिया। इसमें पूछा गया कि किस परिस्थिति में लॉकडाउन में बसों के परिचालन की अनुमति दी गई। 

मंत्री आलमगीर बोले- मानवीयता भी कोई चीज है
ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम का कहना है कि लॉकडाउन के आदेश का कोई उल्लंघन नहीं किया गया। केंद्र सरकार ने 29 मार्च की रात जिलों की सीमा सील करने का निर्देश दिया था। उससे पहले लॉकडाउन में झारखंड सरकार के निर्देश के तहत ही विशेष परिस्थिति में इंटर डिस्ट्रिक्ट वाहनों को अनुमति दी जा रही थी। उसी निर्देश के तहत रविवार को बसों को जाने का पास दिया गया। उसके बाद बसें मजदूरों को लेकर निकल गईं। आखिर मानवीयता भी कोई चीज है। ठेकेदार मजदूरों को असहाय छोड़ कर भाग गए। उन्हें खाने-पीने, रहने की समस्या होने लगी थी।

मानगो स्थित सब्जी हाट बाजार में गांधी मैदान से लाकर कुछ सब्जी दुकानदारों को बैठाया गया।

सीमाएं सील तो रेलवे ट्रैक से मजदूरों का घर पहुंचना जारी
लॉकडाउन को लेकर सख्ती के बाद राज्य के अंदर सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई है। गाड़ियों को विशेष परिस्थितियों में ही एक शहर से दूसरे शहर जाने दिया जा रहा है। इसके अलावा जो मजदूर शहर की सीमाओं पर पहुंच रहे हैं, उन्हें 14 दिन के क्वारैंटाइन में भेजा जा रहा है। उनके खाने-पीने का प्रबंध प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। उधर, घर पहुंचने के लिए अब मजदूरों ने रेलवे ट्रैक और माल गाड़ियों का सहारा लिया है। सोमवार को कई जगहों पर मजदूर रेलवे ट्रैक और मालगाड़ी से विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचे, जिसके बाद प्रशासन की ओर से उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई और उन्हें 14 दिन के क्वारैंटाइन में भेजा गया।

लोक आस्था के पर्व छठ पर दिखा लॉकडाउन का असर
झारखंड के कई जिलों में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा पर भी लॉकडाउन का असर दिखा। मंगलवार सुबह अर्घ्य के समय सीमित संख्या में व्रती तालाब और नदियों के किनारे पहुंचे। अधिकतर लोगों ने अपने घरों की छतों पर ही उगते सूरज को अर्घ्य दिया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी असर देखा गया। परिवार के सदस्यों के अलावा अर्घ्य देने के समय बाहर के कोई भी सदस्य घाट पर या व्रती के घर नहीं पहुंचा। छठ व्रतियों ने अर्घ्य देने के बाद प्रसाद का भी वितरण नहीं किया। उनका कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करना है। संकट की घड़ी में हर कोई को दूरी बनाए रखने की जरूरत है। 

रांची के मधुकम स्थित तालाब में पूजा करते छठव्रती।

मंगलवार से रिम्स में एक और जांच मशीन शुरू, जल्द राज्य में 8 जांच मशीनें होंगी
राज्य में कोरोना की जांच के लिए लगने वाली 6 नई रियल टाइम पीसीआर मशीनों में से एक रिम्स में शुरू हो गई है, यहां मंगलवार से टेस्ट शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा एमजीएम जमशेदपुर को एक तथा पीएमसीएच (धनबाद) और यक्ष्मा आरोग्यशाला (इटकी) को दो-दो मशीनें दी गई हैं। आईसीएमआर की अनुमति मिलते ही यहां जांच शुरू हो जाएगी। तब एक दिन में 720 मरीजो का टेस्ट संभव होगा। राज्य सरकार के पास करीब 20 हजार टेस्ट किट भी आ चुकी है। इसमें से 3000 किट रिम्स व 2000 किट एमजीएम को दिए गए हैं।

लॉकडाउन तक सीएम दाल-भात केंद्रों पर खाना फ्री
कोरोना संकट के बीच झारखंड सरकार ने गरीबों को बड़ी राहत दी है। राज्य के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने घोषणा की कि लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल तक राज्य में संचालित मुख्यमंत्री दाल-भात कैंटीन में लोगों को खाना मुफ्त दिया जाएगा। अब तक दाल-भात केंद्रों में भोजन करने वालों को पांच रुपए देने पड़ते थे। मंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में गरीब और राज्य के बाहर से आए लोगों का ख्याल रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा इस फैसले के जरिए जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। राज्य सरकार की ओर से जरूरतमंदों के लिए थाना स्तर पर दो माह 342 सामुदायिक किचन के अलावा 24 जिलों में 498 विशेष दाल-भात केंद्र संचालित करने का निर्णय भी पहले ही लिया जा चुका है। आपात स्थिति में रांची में 5000 आकस्मिक भोजन पैकेट और अन्य जिलों में दो-दो हजार पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि किसी को भी भूखा नहीं रहना पड़े।

जमशेदपुर: मकान मालिक अगले आदेश तक न किराया मांगें और न ही घर खाली कराएं
कमिश्नर शुक्ला ने किराए के मकान में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। आदेश में कहा कि मकानमालिक अगले आदेश तक किराया नहीं लें, न ही मकान खाली कराएं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी भी स्थिति में मकान मालिक अगर किराएदार को घर खाली करने के लिए दबाव और धमकी देते हैं, तो वह गैर-कानूनी माना जाएगा। इससे किराए के मकान में रहने वाले जिले के करीब 3 लाख लोगों को सहूलियत होगी।

असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मिलेगा वेतन, भुगतान नहीं करने पर केस
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को लॉकडाउन के समय का शत-प्रतिशत पारिश्रमिक मिलेगा। मजदूरों के वेतन का भुगतान नहीं करने वाले नियोक्ता के खिलाफ महामारी अधिनियम -2005 व आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। कमिश्नर ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी कर दिया है।