RBI can reduce the repo rate, trying to reduce the effect of coronavirus on the economy | आरबीआई ने रेपो रेट 0.75% कम किया; टर्म लोन की ईएमआई चुकाने में 3 महीने की छूट भी मिलेगी

RBI can reduce the repo rate, trying to reduce the effect of coronavirus on the economy | आरबीआई ने रेपो रेट 0.75% कम किया; टर्म लोन की ईएमआई चुकाने में 3 महीने की छूट भी मिलेगी


  • रेपो रेट वह दर है, जिस पर आरबीआई से बैंकों को कर्ज मिलता है, रेपो रेट कम होने से सभी तरह के कर्ज सस्ते होते हैं
  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा- कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) 1% घटाकर 3% किया, इससे बैंकों के पास ज्यादा नकदी होगी

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 10:59 AM IST

मुंबई. कोरोनावायरस संकट के बीच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने रेपो रेट में 0.75% की कटौती का ऐलान किया। साथ ही यह भी कहा कि टर्म लोन की ईएमआई चुकाने में 3 महीने की छूट मिलेगी। कोविड-19 की वजह से बैंकों के कर्ज भुगतान में डिफॉल्ट की आशंका बढ़ गई थी। लेकिन, आरबीआई साफ कहा है कि तीन महीने किश्त नहीं आने पर डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा। कोई रेटिंग एजेंसी बैंकों की रेटिंग नहीं घटाएगी।

शक्तिकांत दास के ऐलान के 4 पॉइंट

1. टर्म लोन से छूट

  • सभी बैंकों के टर्म लोन की किश्त के भुगतान से 3 महीने की छूट मिलेगी।
  • शेयर बाजार की गिरावट से बैंक डिपॉजिट पर असर नहीं होगा, ग्राहकों का पैसा सुरक्षित रहेगा।

2. रेपो रेट घटी

  • रेपो रेट अब 5.15% से घटकर 4.4% हो गई है। इससे सभी तरह के कर्ज सस्ते होंगे। मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के 6 में से 4 सदस्यों ने रेट कट के पक्ष में वोट किया था। 
  • कोविड-19 की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कोविड-19 का असर कितना होगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता। हालांकि, क्रूड की कीमतें घटने से कुछ राहत मिलेगी।

3. सीआरआर भी कम हुई, बैंकों में नकदी बढ़ेगी

  • कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) 1% घटाकर 3% किया गया। सीआरआर घटने से बैंकों के पास ज्यादा नकदी रहेगी।
  • आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं, उनसे सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपए की नकदी बढ़ेगी।
  • सभी बैंकों के टर्म लोन की किश्त के भुगतान से 3 महीने की छूट मिलेगी।

4. सरकार ने कई कदम उठाए

  • सभी नियमों और सरकार की सलाह का पालन करें तो कोविड-19 से मुकाबला कर पाएंगे। 
  • देश की अर्थव्यवस्था को कोविड-19 के असर से बचाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए।
  • आरबीआई की कोशिश रहेगी कि सिस्टम में नकदी की कमी नहीं हो। बैंक और वित्तीय संस्थानों को जरूरतमंदों को नकदी मुहैया करवाने पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
  • कोविड-19 के चलते जीडीपी और मंहगाई दर के आउटलुक को लेकर फिलहाल अनिश्चितता है।

देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है

सरकार ने भी गुरुवार को 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया था। इसमें गरीब, किसान, मजदूर, महिला, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को राहत के ऐलान किए गए थे। कोरोनावायरस की वजह से देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। इससे अर्थव्यवस्था और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

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