Sonia Gandhi praised Modi’s decisions, writing letter asking to ban EMI for 6 months | सोनिया गांधी ने मोदी के फैसलों की तारीफ की, पत्र लिखकर ईएमआई पर 6 महीने तक रोक लगाने को कहा


  • कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कई सुझाव भी दिए, कम आय वालों के खाते में सीधे 7500 ट्रांसफर करने की मांग की
  • राशन कार्ड धारकों को 10-10 किलो चावल-गेहूं देने का प्रस्ताव, डॉक्टर्स और हेल्थ वकर्स को जरूरी सुविधाएं देने को भी कहा

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 01:37 PM IST

नई दिल्ली. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोनावायरस को लेकर मोदी सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की सराहना की है। उन्होंने मोदी के पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन के फैसले का भी समर्थन किया। मोदी को पत्र लिखकर सोनिया ने कहा कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में कांग्रेस सरकार के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। इसी के साथ उन्होंने सरकार को कई सुझाव भी दिए। नौकरीपेशा लोगों को राहत देने के लिए ईएमआई पर 6 महीने तक रोक लगाने की मांग की है। बैंकों द्वारा ब्याज भी माफ करने का सुझाव दिया है।

सोनिया ने लिखा, ‘‘लोगों की नौकरियां चली गई, कामकाज ठप हो गया है। ऐसे में गरीब वर्ग सबसे ज्यादा परेशान है। इसलिए ऐसे लोगों के खाते में तत्काल प्रभाव से 7500 रुपए सरकार की तरफ से ट्रांसफर किए जाने चाहिए। ये एकमुश्त रकम जनधन खाताधारक, पीएम किसान योजना खाताधारक, बुजुर्ग महिलाएं, विधवा महिलाओं, विकलांग, मनरेगा मजदूरों के खातों में ट्रांसफर करने चाहिए।’’ 

सोनिया गांधी ने मोदी को चार पेज का पत्र लिखा है। यह पहला पेज है।

डॉक्टरों और हेल्थ पैरामेडिकल स्टाफ के लिए कदम उठाए जाएं 
सोनिया ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का भी आग्रह किया है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में उद्योग के लिए राहत पैकेज और आम लोगों के लिए भी रिलीफ का सुझाव भी दिया है। सप्लाई चेन को भी मजबूत करने की मांग की है। लिखा कि लॉकडाउन के दौरान सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से कटने वाले लोन को भी 6 महीने के लिए रोका जाए। 
राशन कार्ड धारकों को 10 किलो चावल, गेहूं दिया जाए
सोनिया ने प्रत्येक राशन कार्ड धारकों को 10-10 किलो चावल गेहूं देने की मांग की है। पत्र में सोनिया ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि निर्माण क्षेत्र के कामगारों के कल्याण के लिए बने राज्य बोर्डों ने उपकर के माध्यम से 31 मार्च, 2019 तक 49,688 करोड़ रुपये की राशि का संग्रह किया था और इसमें से सिर्फ 19,380 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ऐसे में शेष धनराशि को मुसीबत की इस घड़ी में खर्च किया जा सकता है।