Speaker Om Birla In Parliament Session Live Updates On Coronavirus | जयशंकर ने लोकसभा में कहा- कोरोनावायरस संक्रमण चिंता की बात, ईरान में फंसे भारतीयों को निकालना प्राथमिकता


  • विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- कुछ मामलों में चीन के वुहान शहर और जापान के डायमंड प्रिंसेज क्रू की तरह विशेष हस्तक्षेप की जरूरत
  • ईरान में लगभग 6,000 भारतीय फंसे हैं, इनमें महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर के 1,100 तीर्थयात्री और 300 छात्र शामिल

Dainik Bhaskar

Mar 12, 2020, 01:31 PM IST

नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम और इसे फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। जयशंकर ने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण चिंता की बात है। हमें इस पर जिम्मेदारी से कार्रवाई करनी होगी। पहली प्राथमिकता कोरोनावायरस से जूझ रहे ईरान में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों को वापस लाना है। ईरान में लगभग 6,000 भारतीय फंसे हैं। इनमें 1,100 तीर्थयात्री महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर से हैं। इसके अलावा 300 छात्र भी वहां पर फंसे हैं। हम सीमित संख्या में कॉमर्शियल फ्लाइट्स चलाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के कुछ मामलों में चीन वुहान, जापान के डायमंड प्रिंसेज क्रू और अब ईरान में फंसे तीर्थयात्रियों की तरह विशेष हस्तक्षेप की जरूरत है। हम ऐसे मामलों में जरूरी एक्शन लेंगे। 

देश में 17 विदेशी और 56 भारतीयों में संक्रमण की पुष्टि: डॉ. हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार मुस्तैद है। भारत में कोरोना के 73 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें 17 विदेशी और 56 भारतीय शामिल हैं। रोज शाम को हमे राज्यों से हेल्थ रिपोर्ट आती है। इनके पैरामीटर होते हैं। डिटेल्ड रिपोर्ट होती है। आप में से किसी को भी गलतफहमी नहीं होना चाहिए। सरकार संक्रमण की रोकथाम का प्रयास कर रही है।  देश के 30 एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जा रही और इसमें लापरवाही की संभावना नहीं है। कोरोनावायरस संदिग्धों के नमूने 51 लैब में टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा ईरान में भी भारतीय लोगों की जांच के लिए लैब बनाई जा रही हैं।

‘मैं आपको कह सकता हूं कि स्थिति नियंत्रण में है’

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सभी राज्यों के हेल्थ मिनिस्टरों से मेरी बातचीत हुई है। मैं आपको कह सकता हूं कि स्थिति नियंत्रण में है। मैं उन तमाम सांसदों की प्रशंसा करता हूं जो व्यक्तिगत स्तर पर मुझसे इस बारे में संपर्क कर रहे हैं और जागरूकता फैला रहे हैं। मगर आप लोगों को इस बात की भी तारीफ करनी चाहिए कि हम दुनियाभर से भारतीयों को वापस लेकर आए हैं। हम वुहान और जापान के शिप पर फंसे लोगों को वापस ला चुके हैं। अब इटली में भी प्रक्रिया के तहत ऐसा ही करने का प्रयास कर रहे हैं। हम आप सभी का सहयोग चाहते हैं।विदेश से आए लोगों की निगरानी जारी है। भारत में रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की रिस्क न देते हुए जो संक्रमित हैं उन्हें ठीक करके उन्हें रवाना करने की हमारी कोशिश है।