Stay Home, Do not get out of the house to avoid corona, keep distance from friends, watch videos to do workouts at home, Coronavirus Outbreak, What You Can Do About Coronavirus Right Now | कोरोना से बचने के लिए घर से बाहर न निकलें, दोस्तों से दूरी बनाएं, घर पर वर्कआउट करने के लिए वीडियो देखें


  • जब कभी भी घर से बाहर निकलें तो दूसरे व्यक्ति से छह फीट की दूरी बनाकर रखें
  • दिन समाप्त होते ही काम करना बंद कर दें, जैसा ऑफिस में करते थे और वीकली ऑफ जरूर लें
  • नियमित रूप से अपना तापमान चेक करें और कोरोना से जुड़े लक्षणों पर नजर रखें

दैनिक भास्कर

Apr 01, 2020, 11:00 PM IST

न्यूयॉर्क. कोरोनावायरस की बढ़ते रफ्तार को देखते हुए, हममें से कई लोगों ने घर से ही काम करना शुरू कर दिया है। अब ऐसे लोग एक जगह पर एक हफ्ते या एक महीने तक रुकेंगे। यह कुछ अहम कदम हैं, जिससे हम अपनी जिंदगी को पहले की तरह बेहतर बना सकते हैं। तो कैसे और कब घर पर रहें? यह नियम दिनोंदिन बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में हो सकता है कि स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार अापके मूवमेंट पर और ज्यादा सख्ती बरते। इसे और बेहतर तरीके से समझते हैं। 
कैसे घर पर रहें…

  • बर्मिंघम और वूमन्स हॉस्पिटल के डॉक्टर बिट्टोन का कहना है कि ‘सोशल डिस्टेंसिंग उन लोगों में फिजिकल डिस्टेंस बढ़ाने का तरीका है जो एक साथ नहीं रहते। कम्युनिटी लेवल पर देखें, तो इसका मतलब, स्कूल और वर्कप्लेस को बंद करना है। साथ ही लाइव कंसर्ट और स्पोर्ट्स जैसे इवेंट को कैंसिल करना है।” 
  • इंडिविजुअल के लिए पब्लिक प्लेस (इनडोर और आउटडोर) पर एक-दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी रखना है और फिजिकल कॉन्टैक्ट को नाकारना है। बच्चों के लिए दूसरे बच्चों के साथ ग्रुप में खेलने पर रोक लगाना है।
  • जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें, बाहर के लोगों के साथ मेल जोल बंद रखना, दोस्तों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। बेहद जरूरी काम हो तो ही घर से निकलें। जैसे सब्जी खरीदना हो तो। बाहर एक्सरसाइज भी कर सकते हैं, लेकिन दूसरे व्यक्ति के साथ 6 फीट के दूरी मेनटेन जरूर करें।

सेल्फ मॉनिटिरिंग
ये उन लोगों के लिए जरूरी है, जिन्हें लगता है कि उन्हें वायरस हो सकता है या वह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में थे। ऐसे में वह नियमित रूप से अपना तापमान चेक करें और कोरोना से जुड़े लक्षणों पर नजर रखें, जैसे बुखार, सांस लेने में तकलीफ और कफ की शिकायत। इस स्थिति में भी व्यक्ति को घर पर रहना चाहिए और दूसरे से दूरी बना कर रखनी चाहिए।
सेल्फी क्वारैंनटाइन
आम बोलचाल में इसका मतबल अलग करना या किसी की आवाजाही पर लगाम लगाना होता है। सेल्फ क्वारैंटाइन में व्यक्ति को घर पर ही रहना होता है वो भी लगभग 14 दिनों के लिए। ऐसे व्यक्ति को घर पर अकेले अलग कमरे में रहना होता है।
सेल्फ आइसोलेशन
वायरस के लक्षण दिखने पर या शंका होने पर सेल्फ आइसोलेट हो सकते हैं। आइसोलेशन में व्यक्ति अलग कमरे रहता है और घर के अन्य लोगों से न के बराबर संपर्क करता है। ऐसे व्यक्ति को हो सके तो अलग बाथरूम का इस्तेमाल करना चाहिए।
खुद को फिट रखें

  • ऐसे समय में आप कोई काम नहीं कर रहे होते हैं तो इस समय का सदुपयोग खुद को फिट रखने में करें। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज बढ़िया विकल्प है। ज्यादातर हेल्थ और फिटनेस क्लब इस समय बंद रहते हैं। अगर आप दुनिया के किसी ऐसे कोने में रहते हैं, जहां जिम अभी भी खुली है तो अपने जिम ट्रेनर से बात कर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए कहें।
  • अगर आप अभी भी जिम जा रहे हैं तो लोगों से दूरी बनाए रखें, सामान को साफ करके हाथ लगाएं, हाथों को सैनेटाइज करें। भीड़भाड़ वाले समय में न जाएं, ताकि कम लोगों से संपर्क हो। खुद का योगा मैट लेकर जाए और कोशिश करें तो दूसरों से 6 फीट की दूरी बनाए रखें।  

घर पर एक्सरसाइज करें

  • घर पर एक्सरसाइज करने के लिए होम एक्सरसाइज इक्विपमेंट या स्मार्ट-होम एक्सरसाइज सिस्टम जैसे पीलोटोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ये थोड़ा महंगा विकल्प रहेगा। घर पर एक्सरसाइज करने के लिए कई सारे फ्री वर्कआउट मिल जाएंगे। शुरुआती समय में घर पर 6 मिनट वर्कआउट करें और वीडियो सीरिज का सहारा ले सकते हैं।
  • हाउ टू स्टार्ट वर्कआउट, द 9 मिनट स्ट्रेंथ वर्कआउट और योगा गाइड भी मिल जाएंगी। घर के बाहर एक्सरसाइज करना हो तो वॉकिंग, जॉगिंग और रनिंग बेहतरीन विकल्प हो सकते है, लेकिन जरूरी है कि लोगों से दूरी बनाए रखें।

काम करने के लिए ढांचा तैयार करें

  • ऑफिस की तरह ही घर पर भी लाइफ को रुटीन में रखना बहुत जरूरी है और बात सिर्फ काम करने को लेकर नहीं है। लाइफ व्यवस्थित रहने से ब्रेक लेने, परिवार के लिए समय निकालने और काम को समय पर खत्म करने में आसानी होती है। इसके लिए कुछ टिप्स हैं…
  • रोजाना समय पर जगें और सही समय पर नियमित गतिविधियों को समय पर ही करें। आरामदायक कपड़े पहनें, लेकिन ड्रेस ऑफिस की तरह रहे।  
  • काम की और काम करने के घंटों की सूची बनाएं। अपने परिवार के लिए भी यही सूची बनाएं।
  • लंच ब्रेक लें। अगर बच्चे, परिवार साथ हैं और प्रशासन बाहर निकलने की इजाजत दे रहा है तो थोड़ा बाहर निकलें। 
  • घर पर काम करने के दौरान मीटिंग और साथियों के साथ बातचीत नहीं होती है, इस कारण काम के दौरान आलसपन आता है तो काम के दौरान कॉफी ब्रेक लें।
  • साथियों के साथ अपने काम की सूची साझा करें और आपस में जुड़े रहें। दिन समाप्त होने के साथ काम करना बंद कर दें, जैसा आॅफिस में करते थे और वीकली ऑफ लेना कतई न भूलें। 
  • ऑफिस आने-जाने में लग रहे समय का इस्तेमाल खुद की देखभाल के लिए करें। ऑफिस आने-जाने में मिलने वाले खाली समय का इस्तेमाल खुद की देखभाल जैसे किताब पढ़ने, संगीत सुनने या परिवार के साथ समय बिताने में करें।

सोशलाइज होने के लिए वीडियो चैट का यूज करें
फेस टाइम, जूम, गूगल हैंगआउट और स्काइप से हर एक व्यक्ति आपस में जुड़ सकता है। इन टेक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर दुनियाभर में करोड़ों लोग मीटिंग, चैटिंग, कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। कोरोनावायरस फैलने के बाद ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
लोगों की मदद करें

  • इस संकट से निकलने के लिए दूसरों की मदद करें। आपस में मदद करने से ऐसे संकट से निकलने में आसानी होती है। परिवार और दोस्ताें के अलावा समाज के दूसरे लोगों की भी मदद करें। दोस्तों से बात करें। उनके साथ ऐसी चीजें साझा करें जो आपके पास अतिरिक्त हाे। सैनेटाइजर जैसी चीजें पड़ोसियों के साथ शेयर करें।
  • बुजुर्गों को ग्रॉसरी लाने में मदद करें। उन्हें फेसटाइम या जूम या ऐसे दूसरे ऐप सिखाने में मदद करें। ऐसे चीजें करते समय सावधानी भी बरतें। हाथों को धुलते रहें और जरूरी दूरी बरकरार रखें।

अगर आप स्वस्थ हैं तो मास्क न पहनें

  • मास्क की आपूर्ति कम है, ऐसे में सुनिश्चित करें कि मास्क अस्पताल, फ्रंटलाइन वर्कर, घर पर मदद करने वालों के लिए पहले उपलब्ध हो।
  • अगर पास अतिरिक्त मास्क है तो आप इसे अपने नजदीक के अस्पताल में इसे डोनेट कर सकते हैं।
  • घर पर कोई बीमार हो तो उसके इस्तेमाल के लिए भी कुछ मास्क अपने पास भी रखें।
  • मास्क पहनने को लेकर गाइडलाइंस में भी भ्रम है। कुछ संगठन स्वस्थ लोगों के लिए इसे जरूरी नहीं बता रहे हैं तो कुछ रिसर्च का कहना है कि भीड़ वाली और ऐसी दूसरी जगहाें पर यह जरूरी है। 70 साल से ऊपर के लोगों को इसे पहनने की सलाह दी जाती है।