Strict on quarantine, tracking suspects from QR cad and entry only after measuring fever everywhere | क्वारेंटाइन पर सख्ती, क्यूआर काेड से संदिग्धों पर नजर और हर जगह बुखार नापने के बाद ही एंट्री


  • शंघाई के स्टार्टअप बूमी के संस्थापक इमैनुअल डीन ने बताई काेराेना वायरस से लड़ने की कहानी
  • डीन ने कहा- चीनी लोगाें ने भी सरकार का हर आदेश माना और सहयोग किया,  चीनी सरकार के प्रयास सराहनीय

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 06:27 AM IST

शंघाई. दुनिया में सबसे पहले कोरोना वायरस से प्रभावित हुए चीन ने तीन महीने के अंदर न केवल माैताें का आंकड़ा काबू किया, बल्कि संक्रमण काे भी फैलने से राेक लिया। चीन ने बेहद सख्ती के साथ निगरानी और यात्रा पाबंदियाें पर अमल करके ये उपलब्धि हासिल की। इस दाैरान न केवल बाहर से आए लाेगाें पर क्वारेंटाइन के नियम सख्ती से लागू किए गए, बल्कि क्यूआर काेड से उनके स्वास्थ्य पर भी लगातार नजर रखी। हर जगह पर बुखार नापने के बाद ही प्रवेश दिया। शंघाई के एक स्टार्टअप के संस्थापक इमैनुअल डीन ने चीन के इन सख्त नियमाें का अनुभव खासताैर पर भास्कर के साथ साझा किया। पढ़िए उनकी ही जुबानी…

इमैनुअल डीन।

मुझे खुद नहीं पता कि मेरा बुखार दिनभर में कितनी बार नापा गया : डीन

‘ मेरा ऑफिस शंघाई में है। दिसंबर 2019 में वुहान में काेराेना का प्रकोप शुरू हाेने की जानकारी साेशल मीडिया के जरिये शंघाई में हमें भी मिली। हालांकि, कई चीनियाें ने इस बारे में ज्यादा नहीं सोचा था। इसलिए सब कुछ सामान्य चलता रहा। नया साल ‘लुनार’ करीब आने के साथ ही वुहान में मरीज बढ़ने लगे। मैं 25 जनवरी को इंडाेनेशिया में अपने गृहनगर सुरबाया चला गया था। मेरी याेजना 10 फरवरी को शंघाई लौटने की थी। लेकिन, चीनी नव वर्ष के बाद चीन में संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। राेज 1500 से 2000 नए मरीज सामने आ रहे थे। इसलिए मैंने 10 फरवरी काे चीन जाना टाल दिया। वहां संक्रमण की खबराें पर मेरी नजर थी। फरवरी अंत तक संक्रमण दर कम हो गई। तब मुझे लगा कि 2 अप्रैल को शंघाई लाैटना सुरक्षित होगा। हालांकि, चीनी सरकार ने शंघाई में विदेश से आने वालाें पर कुछ कार्रवाई शुरू कर दी थी। 15 मार्च को घोषणा हुई कि दूसरे देशाें से बीजिंग आने वालाें काे 14 दिन क्वारेंटाइन में रखा जाएगा। इस पर मैं 20 मार्च काे शंघाई की फ्लाइट में सवार हाे गया। फ्लाइट सुरबाया से सिंगापुर और सिंगापुर से शंघाई की थी। सुरबाया से उड़ते समय विमान लगभग खाली था, लेकिन सिंगापुर से शंघाई के बीच यह फुल हाे गया था।

फ्लाइट में हर दो घंटों में हुआ टैम्परेचर चेक

इमैनुअल डीन ने कहा, ‘ कई यात्री विशेष सूट, दाेहरा मास्क और स्की मास्क पहने हुए थे। मैंने सिर्फ दस्ताने और एक मास्क पहना था। शंघाई के लिए उड़ते समय हमें दो बोतल पानी और एक पैक लंच दिया। फ्लाइट अटेंडेंट हर दो घंटे में टैम्परेचर चेक करती रही। शंघाई के पुडोंग एयरपाेर्ट पर लैंडिंग के बाद एक-एक कर यात्री बुलाए गए। पहले उन 24 लाेगाें काे बाहर निकाला, जाे ज्यादा संक्रमित देशाें से आए थे। उतरने से पहले हमसे “पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ का “एग्जिट/एंट्री हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म’ भरवाया गया। 12:30 बजे विमान से निकलने के बाद हमें कई बूथों से गुजारा गया। हमसे पूछा कि पिछले 14 दिनों में किन देशों में गए? किसी काेराेना संक्रमित के संपर्क में ताे नहीं रहे? दो माह सुरबाया में रहने के चलते मुझे जाने की मंजूरी मिल गई। कई यात्रियों के पासपाेर्ट पर पीला स्टिकर लगाया गया। उन्हें अलग कमरे में रखा गया। ‘

25 दिन के लिए घर पर आइसाेलेशन किया गया

डीन ने कहा, ‘ मेरा बुखार नापने के बाद मुझे हरा स्टिकर दिया गया। इमिग्रेशन अधिकारियाें ने हमें जल्दी जाने दिया। पीले स्टिकर वालाें की कतार में 200-300 लोग थे। मुझे कई वीचैट समूहों से पता चला कि हमें अभी एक न्यूक्लिक टेस्ट से भी गुजरना होगा। उसके नतीजाें के बाद ही घर जा पाएंगे। इतनी जांच के बाद भी हमें 25 दिन के लिए घर पर आइसाेलेशन में रहना हाेगा। अगले कुछ दिन मैं घर पर रहा। सिर्फ भोजन के लिए बाहर निकला। 23 मार्च को कई लोग मेरे अपार्टमेंट में आए। यात्रा संबंधी पूछताछ की और इमिग्रेशन के स्टिकर का रंग देखा। ये लोग सामुदायिक नेता थे। काेराेना संक्रमण के बाद चीन सरकार ने जांच के लिए इनका गठन किया था। वे उस क्षेत्र में आने और बाहर जाने वालाें की जांच के प्रभारी हैं। उन्हाेंने मुझे सुशीनेम से रजिस्टर किया और क्यूआर काेड दिया। इसे हम वीचैट या अलीपे पर देख सकते हैं। इसके जरिये अधिकारियाें काे पता रहेगा कि हम स्वस्थ हैं या नहीं। हरे स्टिकर का अर्थ है स्वस्थ। स्थानीय अधिकारियों की जांच के बाद मैंने शंघाई में कामकाज शुरू कर दिया। शंघाई अपने पुराने रूप में वापस आ रहा है, लेकिन यह अब भी ढाई कराेड़ की आबादी वाले शहर जैसा नहीं लग रहा।’

हर जगह बुखार नापने के बाद ही एंट्री
डीन ने कहा, ‘ पहला अंतर यह है कि कितनी बार मेरा टैम्परेचर मापा जाता है, इसकी गिनती याद नहीं। हर जगह बुखार नापने के बाद ही एंट्री है। दूसरा, पर्यटन क्षेत्रों जैसे कि तियानजिफांग, युयुआन गार्डन या जिन्टिआंडी में हमें राेज पास लेना हाेगा। तियानजिफैंग में जाते समय मुझे क्यूआर काेड दिखाना हाेता है। इसके साथ ही पास और निश्चित रूप से टैम्परेचर मापा जाता है। अधिकांश स्टोराें में गार्ड हरहाल में मास्क पहनने का निर्देश देते हैं। मास्क नहीं पहनने पर अंदर नहीं जाने देते। एंटीसेप्टिक, साबुन और अन्य आवश्यक चीजों के बजाय मास्क मिलना मुश्किल है। तमाम स्टोर पूरी तरह डिजिटल हो गए हैं। कुछ खरीदते समय अब कैशियर से मिलने की जरूरत नहीं। क्यूआर कोड स्कैन कर वीचैट या अलीपे से पेमेंट कर सकते हैं। ‘

महामारी नियंत्रित करने के चीनी सरकार के प्रयास सराहनीय

डीन ने कहा, ‘ कई लाेग दफ्तराें में लाैट चुके हैं। 50% काम शुरू हाे चुका है। हालांकि, कई छोटे व्यवसायियाें काे धंधा बंद भी करना पड़ा है। मैं 25 मार्च को कार्यालय गया था। लेकिन, मुझे वापस लाैटा दिया गया। मैं 14 दिन पूरे हाेने के बाद 4 अप्रैल काे ही वहां लाैट पाऊंगा। महामारी नियंत्रित करने के चीनी सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। कोरोना के चरम के दौरान चीन में 80 हजार से अधिक केस थे। अनुभव लिखने तक केवल 5 हजार एक्टिव केस बचे हैं। चीन के लाेगाें ने सरकार का हर आदेश माना और सहयोग किया। मैंने एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं देखा जाे सार्वजनिक स्थल पर बिना मास्क के हाे। हर किसी ने साेशल डिस्टेंसिंग अपनाई। ‘