Suicides increased due to non-availability of alcohol, Chief Minister Vijayan ordered to give alcohol on the advice of the doctor | नशे की लत वाले खुदकुशी कर रहे, मुख्यमंत्री ने कहा- एक्साइज विभाग डॉक्टरी सलाह पर शराब उपलब्ध कराए


  • शराब उपलब्ध करवाने के मुख्यमंत्री के आदेश से डॉक्टर नाराज, कहा- सरकार शराबियों का इलाज करवाए
  • मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा-सरकार अल्कोहल की ऑनलाइन बिक्री पर विचार कर रही

दैनिक भास्कर

Mar 30, 2020, 02:22 PM IST

तिरुवनंतपुरम. लॉकडाउन की वजह से देशभर में शराब की दुकानें बंद हैं। केरल में इससे शराबियों में एक्यूट विदड्रॉल सिंड्रोम (नशा अचानक छोड़ने पर होने वाली समस्या) के मामले बढ़ गए हैं। राज्य के कई हिस्सों से शराबियों के आत्महत्या की खबरें आ रही हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को एक्साइज विभाग को डॉक्टर के पर्चे के साथ आने वालों को शराब देने का निर्देश दिया। समस्या को देखते हुए सरकार शराब की ऑनलाइन बिक्री पर भी विचार कर रही है। विभाग से कहा गया है कि शराब न मिलने से बीमार पड़ने वालों को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराएं।

कोई नदी में कूदा, तो किसी ने शेविंग लोशन पीकर जान दी

शराब नहीं मिलने की वजह से शनिवार को त्रिशूर जिले में एक युवक ने नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली। वहीं, कायमकुलम में सलून की दुकान पर काम करने वाले 38 साल के व्यक्ति ने शेविंग लोशन पी लिया। उसे बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

डाॅक्टर्स ने कहा- हम ऐसा कभी नहीं करेंगे

केरल के सरकारी डॉक्टरों के एसोसिएशन ने भी सरकार के फैसले पर ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि हम ऐसा कभी नहीं करेंगे। सरकार अपना आदेश वापस ले। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी मुख्यमंत्री के इस फैसले की आलोचना की है। एसोसिएशन की केरल इकाई के अध्यक्ष डॉ अब्राहम वर्गीस ने कहा कि सरकार को इसके बदले ऐसे लोगों को उनके घर पर ही इलाज उपलब्ध करवाना चाहिए। विदड्रॉल सिंड्रोम के शिकार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराकर समुचित दवाएं दी जानी चाहिए।

कानूनन डॉक्टर शराब पीने की सलाह नहीं दे सकते

आईएमए के मुताबिक, डॉक्टर कानूनी तौर पर किसी को शराब पीने की सलाह नहीं दे सकते। ऐसा करने पर उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है। सरकार ने पिछले बुधवार को ही राज्य के सभी बार और शराब दुकानों को बंद करने की घोषणा की थी। इससे पहले लॉकडाउन के बाद भी शराब की बिक्री जारी थी। इसके बारे में पूछे जाने पर विजयन ने कहा था कि अगर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हुई तो दूसरी सामाजिक समस्याएं पैदा होंगी।