The President of the Philippines ordered the army and police to shoot down anyone who violates the lockdown. | फिलीपींस के राष्ट्रपति ने लोगों से कहा- मैंने पुलिस-सेना को आदेश दिया है कि यदि कोई बेवजह लॉकडाउन तोड़े तो उसे गोली मार दो


  • राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने लोगों से कहा- मामले की गंभीरता को समझें, हालात पर काबू पाने के लिए मदद करें 
  • पिछले तीन हफ्ते में यहां संक्रमण के 2311 मामलों की पुष्टि हुई, अब तक यहां 96 लोगों की मौत हो चुकी है

दैनिक भास्कर

Apr 02, 2020, 09:32 PM IST

मनीला (फिलीपींस). कोरोनावायरस का खतरा दुनियाभर में मंडरा रहा है। इसे रोकने के लिए दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन किया गया है। मगर इसका विरोध करना अब फिलीपींस के लोगों को महंगा पड़ सकता है। इसकी वजह वहां के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते का आदेश है, जिसमें उन्होंने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को गोली मारने के आदेश दिए हैं। जी हां। इस बात का खुलासा खुद राष्ट्रपति दुतेर्ते ने राष्ट्र के नाम दिए संबोधन में किया है।उन्होंने कहा, ‘‘हालात और खराब हो रहे हैं। मैं आपको फिर से कह रहा हूं कि समस्या की गंभीरता को समझें और मेरी बात सुनें। पुलिस और सेना को मेरा आदेश है कि अगर कोई आपके काम में परेशानी खड़ा करता है। बेवजह लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करता है। आपसे लड़ाई करता है। आपको लगता है कि आपकी जान खतरे में है तो उन्हें गोली मार दें। समझ गए आप? मौत। मैं आपको परेशानी पैदा करने नहीं दूंगा। आपको दफना दूंगा।’’ फिलीपींस में अभी तक कोरोना से 96 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2,311 मामलों की पुष्टि हुई है। 

सहयोग करें क्योंकि हालात खराब हो रहे हैं- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति दुतेर्ते का बयान मनीला में आमजन द्वारा पुलिस से भिड़ने की घटना के बाद आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनीला में बड़ी संख्या में गरीब वर्ग के लोगों ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया था। ये लोग सरकार के खाद्य वितरण नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। दुतेर्ते ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हर कोई सहयोग करे, क्योंकि अधिकारी संक्रमण धीमा करने और देश की नाजुक स्वास्थ्य हालत को सुधारने में लगे हैं। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति दुतेर्ते ने कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के साथ हुई अप्रिय घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति के बयान का विरोध 
राष्ट्रपति दुतेर्ते के इस बयान का सामाजिक संस्थानों और मानवाधिकार संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। संगठनों का कहना है कि इस तरह से दुतेर्ते हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। यह मानवता के नाम पर प्रहार है। राष्ट्रपति को तुरंत इस फैसले को वापस ले लेना चाहिए। वहीं, नेशनल पुलिस चीफ ने कहा कि सारे कदम कानून के दायरे में रहते हुए उठाए जाएंगे। चीफ ने कहा कि दुतेर्ते मामले की गंभीरता का लोगों को एहसास करा रहे थे। उनकी मंशा किसी को गोली मरवाने की नहीं है।