Tricolor built on the highest peak of Switzerland, PM Modi said – Humanity will win in the war against Corona | स्विट्जरलैंड ने 14,690 फीट ऊंचे मैटरहॉर्न पर्वत पर रोशनी से तिरंगा बनाया, कहा- कोरोना से जंग में हम भारत के साथ हैं


  • स्विट्जरलैंड में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा- यह कोरोना से लड़ने के लिए भारत की कोशिशों का सम्मान
  • कोरोना के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए माउंट मैटरहॉर्न पर 24 मार्च से हर दिन अलग-अलग देशों के झंडे बनाए जा रहे हैं

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 10:30 PM IST

स्विटजरलैंड. कोरोना से जंग के लिए भारत की कोशिशों के प्रति सम्मान दर्शान के लिए स्विट्जरलैंड ने अपने सबसे ऊंचे पर्वत माउंट मैटरहॉर्न पर रोशनी से तिरंगा बनाया। स्विट्जरलैंड में मौजूद भारतीय दूतावास और आईएफएस अधिकारी गुरलीन कौर ने इसकी तस्वीर अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की। भारतीय एंबेसी की ओर से लिखा गया – करीब 1000 मीटर से बड़े आकार का तिरंगा स्विट्जरलैंड के जरमैट में मैटरहार्न पर्वत पर दिखा। ये कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सभी भारतीयों के साथ एकजुटता के लिए है। इस भावना के लिए धन्यवाद।

स्विट्जरलैंड में भारतीय एंबेसी के ट्वीट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे रीट्वीट किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया मिलकर कोविड-19 से लड़ रही है और इंसानियत इस महामारी से जरूर जीतेगी।

गेरी हॉफस्टेटर ने लाइट प्रोजेक्शन से दिखाया तिरंगा

स्विट्जरलैंड के मशहूर लाइट आर्टिस्ट गेरी हॉफस्टेटर ने 14 हजार 690 फीट ऊंचे पहाड़ की चोटी पर लाइट प्रोजेक्शन के जरिए तिरंगे के आकार में रोशनी की। इस चोटी पर 24 मार्च से कोरोनावायरस के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए हर दिन दुनिया के अलग-अलग देशों के झंडों को दिखाया जाता है।

स्विट्जरलैंड के 14 हजार 690 फीट माउंट मैटरहॉर्न पर रोशनी से बना विशाल तिंरगा कुछ ऐसा नजर आया।

माउंट मैटरहॉर्न आल्प्स पर्वत श्रृंखला का सबसे ऊंचा बिंदु है। रोशनी से तिरंगा बनाने से पहले और इसके बाद माउंट मैटरहॉर्न कुछ इस तरह नजर आता है।

पहली तस्वीर में सामान्य स्थिति में माउंट मैटरहॉर्न और दूसरी में तिरंगा बनाए जाने के बाद का नजारा।

स्विट्जरलैंड में जर्मेट के टूरिस्ट ऑफिस ने ट्वीट कर कहा- स्विट्जरलैंड के लैंडमार्क पर भारतीय तिरंगे का अर्थ है, कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में भारतीयों को उम्मीद और ताकत देना।