Trump said- In 2 weeks, the number of deaths from infection can reach the peak; White House estimated 2 million infected | ट्रम्प बोले- सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखी तो 22 लाख लोगों की जान जाएगी, ह्वाइट हाउस के डॉक्टरों ने कहा- 2 लाख लोगों की मौत संभव


  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल डिस्टेंशिंग गाइडलाइन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया 
  • मंगलवार को ट्रम्प कोरोना को लेकर सरकार की योजनाएं, रणनीति बता सकते हैं

दैनिक भास्कर

Mar 30, 2020, 03:42 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिका में कोरोनावायरस की स्थिति भयावह होती जा रही है। बीते 24 घंटे में 518 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगले दो हफ्ते में मौतों का आंकड़ा अपने चरम पर पहुंच जाएगा। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग की तारीख भी 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। ट्रम्प ने मंगलवार को कोरोना को लेकर सरकार की योजनाएं-रणनीति बता सकते हैं और कुछ अहम घोषणाएं भी कर सकते हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि हालात बिगड़े तो अमेरिका में 22 लाख लोगों की जान जा सकती है। 

ट्रम्प के मुताबिक, ‘‘12 अप्रैल को ईस्टर है। ईसाइयों का यह बड़ा फेस्टिवल है। तब तक अमेरिका में मरने वालों की संख्या पीक पर पहुंच चुकी होगी। जब तक हम बीमारी से जीत नहीं जाते, तब तक इससे खराब स्थिति नहीं होगी। मुझे उम्मीद है कि इसमें जल्दी ही गिरावट आएगी।’’

ट्रम्प से डॉक्टरों ने कहा- पाबंदियां नहीं लगाईं तो 2 लाख से ज्यादा लोगों की जान जाएगी
राष्ट्रपति ट्रम्प को डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि इस समय देश में पाबंदियां नहीं लगाई गईं, तो 2 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा सकती है। अमेरिका के वरिष्ठ इन्फेक्शन डिसीज एक्सपर्ट्स डॉ. एंथनी एस फॉसी ने यह आकलन सांइटिफिक मॉडेलिंग के आधार पर किया है। उन्होंने ह्वाइट हाउस में इसका एक प्रजेंटेशन भी दिखाया। वहीं, ह्वाइट हाउस में कोरोनावायरस टास्क फोर्स के कॉर्डिनेटर डॉ. डेबोरा बर्क्स ने कहा है कि अमेरिका में तमाम प्रतिबंधों और जरूरी कदम उठााए जाने के बावजूद 80 हजार से 1.60 लाख लोगों की जान सकती है। यह आंकड़ा 2 लाख तक भी पहुंच सकता है।  

शिकागो: कोरोना के चलते बिगड़े हालात पर जल्द काबू पाया जा सके, इसलिए लोग वॉलंटियर्स को खुलकर दान कर रहे हैं।

अमेरिका में हालात बिगड़ने का अंदेशा
ट्रम्प ने कहा, ‘‘सोशल डिस्टेंसिंग का सही तरीके से पालन नहीं किया तो अमेरिका में 22 लाख लोगों की जान जा सकती है। अगर हम मौतों का आंकड़ा एक लाख तक रख पाए, तो भी यह हमारे लिए जीत जैसा ही होगा।’’ व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग के दौरान अमेरिका में संक्रमित बीमारियों के बेहतरीन डॉक्टरों में शुमार डॉ. एंथनी फॉसी के मुताबिक, ‘‘इन हालात में कुछ भी संभव है। अगर हम चीजों को बेहतर तरीके से डील नहीं कर पाए तो स्थितियां बिगड़ भी सकती हैं। हालांकि हम लगातार कोशिशें कर रहे हैं।’’ डॉ. डेबोरा बर्क्स कहती हैं कि अभी तक हम यही मानकर चल रहे हैं कि हर चीज बेहतर कर रहे हैं, लेकिन कोई भी मॉडल (सोशल डिस्टेंसिंग) पूरी तरह से सही नहीं हो सकता।

‘लोग गाइडलाइंस का पालन करें’
ट्रम्प ने कहा कि सबसे जरूरी यही है कि हर व्यक्ति गाइडलाइंस का पालन करे। उम्मीद है कि हम जून तक रिकवरी कर लेंगे। ट्रम्प ने पहले ईस्टर तक हालात सामान्य होने की बात कही थी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकना जरूरी है, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग की समयसीमा 30 अप्रैल तक बढ़ाई जाएगी। आप बेहतर कर सकते हैं, इससे हम कोरोना की भयावहता से तेजी से निपट सकेंगे। अमेरिका में कोरोना के 1 लाख 42 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं, 2400 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। 

अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा खतरा
ग्रामीण इलाकों में कोरोनो महामारी शहरों के मुकाबले ज्यादा कहर बरपा सकती है। यहां पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और अस्पताल नहीं हैं। महामारी का केंद्र न्यूयॉर्क शहर है। यहीं सबसे ज्यादा संक्रमित हैं। इसे अलावा अरकंसास, मिसिसिपी, जॉर्जिया और साउथ कैरोलिना जैसे मिडवेस्ट और साउथ के ग्रामीण अंचलों में भी कोरोना संक्रमण फैलने के संकेत मिले हैं। कोडिक इलाके के नेटिव एसोसिएशन के डायरेक्टर एलिस प्लेटनिकॉफ ने कहा, ‘‘कुछ क्षेत्रों में हमारी क्षमता सीमित होगी, न केवल उपकरणों के मामले में बल्कि कर्मचारियों में भी। जब कोरोनावायरस से संक्रमण के मामले बढ़ते हैं, तब हमारी चिंता बढ़ना लाजमी है।’’

अलास्का में 59,000 लोगों को मेडिकल फैसिलिटी की जरूरत
शुक्रवार को अलास्का में 85 मामले सामने आए और यहां कोरोना से पहली मौत भी हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक, राज्य की 7.37 लाख जनसंख्या का 40 से 70% हिस्सा कोरोनावायरस की चपेट में आ सकता है। प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 20% आबादी यानी 59 हजार लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा की जरूरत होगी। अलास्का में 1500 बेड वाला जनरल हॉस्पिटल है। कुछ स्थानों पर नया मेडिकल सैटअप तैयार करने में दूसरी जगहों के मुकाबले वक्त ज्यादा लग सकता है।