Trump said – stagnation in stock market and economy, country may move towards recession | ट्रम्प बोले- स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी में ठहराव, देश मंदी की तरफ बढ़ सकता है


  • डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी कहा- एक बार हमने अर्थव्यवस्था को बेहतर किया था, आप फिर इसमें जबर्दस्त उछाल देखेंगे
  • अखबार द हिल के मुताबिक- अचानक शटडाउन से बेरोजगारी बढ़ेगी और लोगों की खर्च की प्रवृत्ति कम हो सकती है

दैनिक भास्कर

Mar 17, 2020, 08:44 AM IST

वॉशिंगटन. कोरोनावायरस के चलते अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि बीमारी के खतरे के चलते देश की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के मंदी पर किए सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा, ‘‘मुझे ऐसा लगता है कि स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी में एक तरह की जड़ता आ गई है। एक बार हमने इसे बेहतर किया था। परिस्थितियां ठीक होने के बाद एक बार फिर आप इसमें जबर्दस्त उछाल देखने वाले हैं।’’

ट्रम्प का बयान उस वक्त आया है जब अफसरों ने कई शहरों में रेस्तरांओं समेत कई स्थानों को बंद करा दिया है। इसका खासा असर बिजनेस पर भी देखने को मिला है। अखबार द हिल के मुताबिक, अचानक हुए शटडाउन से बेरोजगारी बढ़ सकती है और लोगों की खर्च की प्रवृत्ति कम हो सकती है। विशेषज्ञों की राय में, ऐसा होना मंदी की वजह हो सकता है। 

अमेरिकी बाजारों में लगातार गिरावट
अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है। सोमवार को वॉल स्ट्रीट का सूचकांक डाउ जोंस 3 हजार पॉइंट गिरकर बंद हुआ। हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने यूएस फेडरल रिजर्व बैंक (फेड) ने बेंचमार्क ब्याज दर 0 से 0.25% कर दी है। यह पहले 1% से 1.25% थी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 1% की कटौती की है। इससे पहले तीन मार्च को फेड ने ब्याज दर में 0.5% की कटौती की थी। फेड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर डालने का भी फैसला किया है। उसने 500 अरब डॉलर और 200 अरब डॉलर के सरकारी बांड खरीदने की घोषणा की है।

अमेरिकी शेयर मार्केट डाउ जोंस सोमवार को खुलते ही 2748.64 अंक गिरा था। इस कारण बाजार पर लोअर सर्किट लगा और कारोबार को 15 मिनट के लिए रोक दिया गया। इसमें 7% की गिरावट दर्ज की गई। 12 मार्च को डाउ जोंस में लोअर सर्किट लगाया गया था। इसका असर अगले ही दिन भारतीय शेयर मार्केट पर दिखाई दिया था। 13 मार्च को सेंसेक्स खुलते ही 3600 पॉइंट तक गिर गया था और यहां भी लोअर सर्किट की वजह से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी थी।

बाजार में गिरावट का देश पर असर
यूएस फेड के ब्याज दरों में कटौती के बाद यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में 5% की गिरावट आई। डाउ फ्यूचर्स 4.5% गिरकर 1,041 अंकों पर पहुंच गया। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 4.8% और नैस्डैक फ्यूचर्स 4.5% नीचे आया। इस गिरावट का असर अमेरिकी बाजारों पर भी देखने को मिला।

कोरोनावायरस फैलने के कारण दुनियाभर में बिजनेस और ट्रैवल ठप पड़ता जा रहा है। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा कि दुनियाभर में कोरोना का संकट और गहराने से भारतीय कंपनियों के सामने क्रेडिट का दबाव बढ़ गया है। एजेंसी ने कहा है कि एयरलाइंस, होटल, मॉल्स, मल्टीप्लेक्स और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। 

अमेरिका में कोरोना
देश में वायरस के अब तक 4706 मामले सामने आए हैं और 91 मौत हो चुकी हैं। कोरोनावायरस दुनिया के 162 देशों में फैल चुका है और 7 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।